1942 में स्थापित रेलवे आउट एजेंसी को बंद करने को लेकर उच्च अधिकारियों ने दिए निर्देश।

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देहरादून/मसूरी – मसूरी में अंग्रेजों के जमाने से 1942 में स्थापित उत्तर रेलवे द्वारा संचालित रेलवे आउट एजेंसी अब बंद होने जा रही है जिसको लेकर उच्च अधिकारियों द्वारा निर्देश भी दिए जा चुके हैं। जिसके बाद मसूरी और आसपास के क्षेत्र की जनता में भारी आक्रोश है लोगों का मानना है कि मसूरी रेलवे आउट एजेंसी के माध्यम से वह विभिन्न रेलवे की टिकट बड़ी आसानी से बुक करा लिया करते थे परंतु अब यह सुविधा उनको नही मिल पायेगी।

उन्होने कहा कि मसूरी मेकं बिहार ओर नेपाल मूल के लोग भारी सख्या में रहते है जो आनलाइन से रेलवे के टिकट बुक नही कर पाते है। ऐसे में वह मसूरी में उत्तर रेलवे द्वारा संचालित रेलवे आउट एजेंसी जाकर अपने रेलवे के टिकट बुक कराते थे। उन्होने कहा कि मसूरी में रेलवे आउट एजेंसी को बंद करने का निर्णय उत्तर रेलवे के उच्च अधिकारियों द्वारा लिया गया है जो गलत है। उन्होंने मांग की है कि मसूरी में अंग्रेजों के जमाने से स्थापित रेलवे आउट को बंद ना किया जाए।

मसूरी भाजपा मंडल अध्यक्ष मोहन पेटवाल ने बताया कि उत्तर रेलवे के अधिकारियों द्वारा अंग्रेजों के जमाने से संचालित उत्तर रेलवे आउट एजेंसी को बंद करने के निर्देश दिए गए हैं। जिसको लेकर उनके क्षरा कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी से मांग की गई है कि वह उत्तर रेलवे और भारत रेल मंत्रालय से बात करके मसूरी में रेलवे आउट एजेंसी को पूर्व की भांति संचालित होने के लिये कार्यवाही करे। उन्होंने कहा कि उनको पूरा विश्वास है कि कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी मसूरी और आसपास की जनता की मांग को हर हाल में पूरा करेंगे।

मसूरी में उत्तर रेलवे के सुपरवाइजर पकंज शर्मा ने बताया कि उच्च अधिकारी को निर्देश के बाद रेलवे आउट एजेंसी को बंद करना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि मसूरी रेलवे आउट एंजसी में मसूरी और आसपास के क्षेत्र के सैकड़ों लोग रेलवे के टिकट बुक कराते थे परंतु आब यह सुविधा नहीं मिल पाएगी। उन्होंने कहा कि 1999 से मसूरी में कंप्यूटराइज रेलवे टिकट बुक करने की सुविधा उपलब्ध शुरू हो गई थी। जिसके बाद लगातार यहां से रेलवे की टिकट बुक किए जा रहे थे। उन्होंने कहा कि एक हफ्ते के भीतर मसूरी से रेलवे आउट एजेंसी को बंद कर दिया जाएगा।

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