पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत के अचानक दिल्ली दौरे के बाद राज्य में तरह-तरह की चर्चाएं।

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देहरादून – दिल्ली दौरे के बाद पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत आत्मविश्वास से लबरेज दिख रहे हैं। दिल्ली दौरे के दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत कई केंद्रीय नेताओं से मुलाकात की। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात कर उन्होंने सरकार और संगठन के कई विषयों पर बातचीत की। करीब 1 घंटे हुई प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ बातचीत के कई मायने निकाले जा रहे हैं। अमूमन देखा जाता है कि इतना समय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी किसी को देते नहीं है या तो वह गंभीर मसलों को लेकर लंबे समय तक बातचीत करते हैं या फिर सीएससी हालातों पर बारीकी से जानकारी लेते हैं तभी किसी नेता को इतना समय देते हैं।

इस बात को लेकर भी चर्चाएं हैं कि जिस तरह से भर्ती घोटालों में मंत्रियों के नाम सामने आ रहे हैं ऐसे में संगठन और सरकार स्तर पर कोई बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है।

कई भर्तियों में हुई धांधली के बाद अगर भाजपा का कोई नेता मीडिया में बयान देने के लिए सक्रिय था तो वह त्रिवेंद्र सिंह रावत रहे और बेरोजगार युवा भी उनकी तारीफ कर रहे थे। हालांकि अचानक दिल्ली दौरे के बाद उत्तराखंड लौटे मुख्यमंत्री सीधे बद्रीनाथ यात्रा पर चले गए जहां पर उन्होंने कई सीमांत क्षेत्रों की पदयात्रा की।

चर्चा इस बात को लेकर भी है कि पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने दिल्ली में शीर्ष नेतृत्व को राज्य के सियासी हालातों से अवगत करवाया है। सियासी हलकों में इस बात की चर्चा भी आम है कि मंत्रियों के इस्तीफे भी हो सकते हैं । क्योंकि आगामी 2024 का लोकसभा चुनाव है ऐसे में पार्टी अपनी साख बचाने के लिए कुछ मंत्री पद पर बैठे नेताओं की सियासी बली चढ़ा सकती है। हालांकि भर्ती घोटालों की अभी जांच चल रही है । विधानसभा अध्यक्ष रितु खंडूरी भी दिल्ली दौरे पर हैं इससे भी सियासी हलकों में तरह-तरह की चर्चाएं हैं। यदि आरोप सिद्ध हुए तो दो से तीन मंत्रियों की कुर्सी खतरे की जद में आ सकती है।

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